Vigyan Ke Chamatkar Par Nibandh

विज्ञान की उपलब्धियाँ

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“विज्ञान सामाजिक परिवर्तन का एक महान् उपकरण है – आधुनिक सभ्यता के विकास में सहयोगी सभी क्रांतियों में सबसे अधिक शक्तिशाली । ”  – आर्थरबाल्फोर 

विज्ञान : एक वरदान की  रूपरेखा 

  1. प्रस्तावना
  2. विविध क्षेत्रों में विज्ञान के चमत्कार
  3. विज्ञान के चमत्कारों से लाभ एवं हानि
  4. विज्ञान और मनुष्य का सम्बन्ध
  5. उपसंहार

1- प्रस्तावना 

विज्ञान का अर्थ है विशेष या विश्लेषित ज्ञान और इन्हीं विशेष ज्ञान के फलस्वरूप आधुनिक वैज्ञानिक आविष्कारों से विश्व में अनेक क्रान्तिकारी परिवर्तन हो रहा है । विज्ञान सम्पूर्ण मानव – जीवन पर छा गया है ।

मानव की सहज भावनाएँ प्रायः लुप्त होती जा रही हैं । यहाँ तक कि विज्ञान के बिना मनुष्य के स्वतन्त्र अस्तित्व की कल्पना करना भी सम्भव नहीं रह गया है। विज्ञान की सहायता से मनुष्य प्रकृति पर विजय प्राप्त करता जा रहा है ।

आज से कुछ वर्षों पहले वैज्ञानिक आविष्कारों की चर्चा से ही लोग आश्चर्यचकित हो जाया करते थे , परन्तु आज वही आविष्कार मनुष्य के दैनिक जीवन में घुल – मिल गए है ।

एक समय था जब मनुष्य इस सृष्टि की प्रत्येक वस्तु को कौतुहल से भरी हई एवं आश्चर्यजनक समझता था तथा उनस भयभीत होकर ईश्वर की प्रार्थना किया करता था , परन्तु आज विज्ञान ने प्रकृति को वश में करके उसे मानव का दासी बना दिया है ।

2- विविध क्षेत्रों में विज्ञान के चमत्कार

विज्ञान मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है । वह विश्व के संचालन का मुल आधार हैं । विज्ञान की असीमित शक्ति का पता उसके चमत्कारपूर्ण आविष्कारों से लगता है ।

इसके चामत्कारिक आविष्कारों का सहारा लेकर मानव ने बड़ी – बड़ी समस्याओं के समाधान खोज निकाले हैं । उसकी वरदायिनी शक्ति मानव को अपरिमित सुख – समृद्धि प्रदान कर रही है ।

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में वैज्ञानिक आविष्कारों ने प्रभुत्व स्थापित कर लिया है ; यथा

( क ) संचार के क्षेत्र में प्राचीनकाल में सन्देशों के आदान – प्रदान में बहुत अधिक समय लग जाया करता था ; परन्तु आज समय की दूरी घट गई है । अब फैक्स और ई – मेल द्वारा क्षणभर में ही किसी भी प्रकार के सन्देश एवं विचारों का आदान – प्रदान किया जा सकता है ।

रेडियो और टेलीविजन द्वारा कोई समाचार अब कुछ ही क्षणों में – विश्व भर में प्रसारित किया जा सकता है । आज चन्द्रमा तथा अन्य ग्रहों से सम्प्रेषित सन्देश पृथ्वी पर पलभर में ही प्राप्त किए जा सकते हैं । विज्ञान ने पृथ्वी और आकाश की दूरी समेट ली है ।

( ख ) यातायात एवं परिवहन के क्षेत्र में पहले व्यक्ति थोड़ी – सी दूरी तय करने में ही पर्याप्त समय लगा देता था । लम्बी यात्राएँ उसे दुरूह स्वप्न – सी लगती थीं ।

आज रेल , मोटर तथा वायुयानों ने लम्बी यात्राएँ अत्यन्त सुगम व सुलभ कर दी हैं । अब विविध वस्तुएँ एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुगमतापूर्वक भेजी जा सकती हैं । पृथ्वी ही नहीं , आज इन वैज्ञानिक साधनों के द्वारा मनुष्य ने चन्द्रमा पर भी अपने कदमों के निशान बना दिए हैं ।

( ग ) चिकित्सा के क्षेत्र में – विज्ञान ने मनुष्य के जीवन को समृद्ध किया है । अनेक असाध्य बीमारियों का इलाज विज्ञान द्वारा ही सम्भव हुआ है । आधुनिक चिकित्सा पद्धति इतनी विकसित हो गई है कि नेत्रहीन को आँखें और विकलांग को अंग मिलना अब असम्भव नहीं लगता ।

शल्य चिकित्सा , कृत्रिम श्वास एवं विविध प्रकार की जीवनरक्षक ओषधियों द्वारा अब मनुष्य को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है । कैसर , टी०बी० तथा हृदयरोग जैसे भयंकर प्राणघातक रोगों पर विजय पाना भी विज्ञान के माध्यम से ही सम्भव हुआ है । विज्ञान ने चिकित्सा की नवीन पद्धतियों के सहारे मनुष्य को दीर्घजीवी बनाया है ।

( घ ) शिक्षा के क्षेत्र में ज्ञान – के प्रसार एवं प्रचार में विज्ञान ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है । विज्ञान ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किए हैं । टेलीविजन , रेडियो एवं सिनेमा ने शिक्षा को सरल बना दिया है । छापेखाने तथा अखबारों ने ज्ञान – वृद्धि में सहयोग दिया है । मुद्रण यन्त्रों के आविष्कार ने पुस्तक प्रकाशन के क्षेत्र में क्रान्ति उत्पन्न कर दी है ।

( ङ ) कषि के क्षेत्र में-  जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में भारत का दूसरा स्थान है । पहले इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए अन्नपूर्ति करना असम्भव ही प्रतीत होता था , परन्तु आज हम अन्न के मामले में आत्मनिर्भर होते जा रहे हैं ।

इसका श्रेय आधुनिक विज्ञान को ही है । विभिन्न प्रकार के उर्वरकों , बआई – कटाई के आधुनिक साधनों , कीटनाशक दवाओं तथा सिंचाई के कृत्रिम साधनों ने खेती को अत्यन्त सुविधापूर्ण एवं सरल बना दिया है । अन्न को सुरक्षित रखने के लिए भी अनेक नवीन उपकरणों का आविष्कार किया गया है ।

( च ) मनोरंजन के क्षेत्र में- मनोरंजन के आधुनिक साधन विज्ञान की ही देन हैं । सिनेमा , रेडियो तथा टेलीविजन के आविष्कार ने मानव को उच्चकोटि के सरल एवं सलभ मनोरंजन के साधन प्रदान कर दिए है ।

 ( छ ) दैनिक जीवन में- हमारे दैनिक जीवन का प्रत्येक कार्य विज्ञान पर ही निर्भर हो गया है । विद्युत् हमार जीवन का महत्त्वपूर्ण अंग बन गई है । बिजली के पंखे, प्रेस, कुकिंग गैस स्टोव, फ्रिज, सिलाई – मशीन आदिक निर्माण ने मानव को सविधापूर्ण जीवन दिया है । इन आविष्कारों से समय . शक्ति व धन की पर्याप्त बचत हुई है ।

 ( ज ) उद्योग के क्षेत्र में- औद्योगिक क्षेत्र में विज्ञान ने क्रान्तिकारी परिवर्तन किए हैं । भांति – भाति का मशीनों ने उत्पादन को बढ़ाया है । विभिन्न प्रकार के वस्त्र, खाद्य पदार्थ एवं दैनिक उपभोग की वस्तुओं के उत्पादन हेतु विज्ञान ने सरलतम साधनों का आविष्कार किया है ।

हमारे देश में अनेक छोटे – बडे कल – कारखानों का संचालन हो रहा है । इस प्रकार विज्ञान ने उद्योगों को प्रगति की ओर अग्रसर कर दिया है ।

( झ ) परमाणु – शक्ति के क्षेत्र में- आधुनिक युग को परमाणु – युग कहा जाता है । जब वैज्ञानिक उपकरणों का विकास नहीं हुआ था तो मनुष्य को छोटे – से – छोटा कार्य करने में भी कठिनाई का अनुभव होता था ।

आज अणुशक्ति द्वारा कृत्रिम बादलों के माध्यम से वर्षा भी की जा सकती है । अणुशक्ति द्वारा मानव कल्याण सम्बन्धी अनेक कार्य किए जा रहे हैं ।

शान्तिपूर्ण कार्यों के लिए अणुशक्ति का विकास किया जा रहा है । इस शक्ति के माध्यम से पृथ्वी और समुद्र से मूल्यवान् गैस व खनिज प्राप्त किए जा रहे हैं ।

3- विज्ञान के चमत्कारों से लाभ एवं हानि

लाभ 

विज्ञान ने मानव को वरदायिनी शक्तियाँ प्रदान की हैं तथा मानव के कठिन जीवन को सरल बना दिया है । उसने मनुष्य को प्रत्येक क्षेत्र में सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं तथा उसे बाढ़ , अकाल और महामारी से बचाया है ।

इसके अतिरिक्त मनुष्य को नीरोग बनाने में सहायता करके उसे दीर्घायु बनाया है, रहन – सहन सम्बन्धी सुविधाएँ प्रदान करके उसके जीवन को सुखमय किया है तथा अपराधों को कम करने में भी सहायता की है।

अब तो ‘ लाई डिटेक्टर ‘ मशीन की सहायता से व्यक्ति के अपराध का पता लगाना और भी अधिक सरल हो गया है । जहाँ विज्ञान ने मनुष्य को अनेक दृष्टियों से लाभान्वित किया है, वहीं उसे भयंकर हानियाँ भी पहुंचाई हैं।

हानि 

वैज्ञानिक उपकरणों ने मनुष्य को कामचोर बना दिया है । यन्त्रों के अत्यधिक उपयोग ने देश में बेकारी को जन्म दिया है । नवीन प्रयोगों ने वातावरण को दूषित कर दिया है ।

परमाणु – परीक्षणों ने मानव को भयाक्रान्त कर दिया है । जापान के नागासाकी और हिरोशिमा नगरों का विनाश विज्ञान की ही देन है ।

मनुष्य अपनी पुरानी परम्पराएँ और आस्थाएँ भूलकर भौतिकवादी होता जा रहा है । वह स्वार्थी हो रहा है तथा उसमें विश्वबन्धुत्व की भावना लुप्त हो रही है।

वैज्ञानिक आविष्कारों की निरन्तर स्पर्धा आज विश्व को खतरनाक मोड़ पर ले जा रही है । परमाणु तथा हाइड्रोजन बम निःसन्देह विश्व – शान्ति के लिए खतरा बन गए हैं । इनके प्रयोग से किसी भी क्षण सम्पूर्ण विश्व और उसकी संस्कृति पलभर में नष्ट हो सकती है ।

4. विज्ञान और मनुष्य का सम्बन्ध

 मानव और विज्ञान का परस्पर अटूट सम्बन्ध है । आज का मानव वैज्ञानिक मानव बन गया है । विज्ञान की शक्ति पाकर मानव बर्बर होता जा रहा है । अब मानव के साधारण व्यवहार से लेकर उसका विशिष्ट व्यवहार तक विज्ञान पर आश्रित है । आज मानव के विवेक को जाग्रत करने की आवश्यकता है जिससे वह विज्ञान का वरदानी रूप ग्रहण कर सके, अभिशप्त रूप नहीं ।

7- उपसंहार :

वास्तव में विज्ञान मानव के लिए वरदान सिद्ध हुआ है । हमारा जीवन विज्ञान का ऋणी है । विज्ञान के आविष्कारों से धरती को स्वर्ग बनाया जा सकता है । जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हम वैज्ञानिक चमत्कारों के ऋणी है । सत्य तो यह है कि विज्ञान के चमत्कार है ।

आशा है की  विज्ञान एक अभिशाप से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा आप इसे शेयर जरूर करें |

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