TET Online Practice Set-2 Shiksha Manovigyan

UPTET, CTET, Bihar TET

ये TET Online Practice Set-2 Shiksha Manovigyan पुरे TET Online Practice Set-2 का हिंदी  का एक भाग है| यह 30 अपठित प्रश्नों का संग्रह है जो शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षण से लिया गया है |

इस प्रश्नावली में शिक्षा मनोविज्ञान और सामान्यज्ञान से जुड़े प्रश्नों को सम्लित किया गया है|

Other Practice Sets

जब आप इस TET Online Practice Set-2 Shiksha Manovigyan को पूरा कर लेंगे तब अंत में आपके द्वारा प्राप्त किये गए अंक आपको दिखेगा और सभी प्रश्नों के सही उत्तर भी बताये जांयेंगे |

इस TEST से आपको UPTET, CTET, Bihar TET, Rajasthan Tet और Madhya Pradesh TET आदि में मदत मिलेगी |


TET Online Practice Set-2 Shiksha Manovigyan

1. विकास की किस अवस्था में बुद्धि का अधिकतम विकास होता है ?

 
 
 
 

2. अधिगम में , ने प्रभाव का नियम दिया था । 

 
 
 
 

3. बाल मनोविज्ञान का क्षेत्र है :

 
 
 
 

4. फ्रायड के अनुसार 

 
 
 
 

5. कक्षा से पलायन करने वाले बालको के प्रति आपका व्यवहार होगा-

 
 
 
 

6. वह अवस्था जो किसी माता के 21वें गुणसूत्र जोड़े के अलग न हो पाने के कारण होती है , कहलाती है :

 
 
 
 

7. “शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के जन्म से वृद्धावस्था तक सीखने के अनुभवों का वर्णन एवं व्याख्या करती है।” यह कथन है-

 
 
 
 

8.  निम्न में से किस विधि का उपयोग स्मृति के मापन के लिए नहीं किया 

 
 
 
 

9. साख्यिकी में वह रेखाचित्र , जिसमें आवृत्तियों को स्तम्भों द्वारा प्रदर्शित । किया जाता है , कहलाता है :

 
 
 
 

10. यह आवश्यक नहीं है कि उच्च बुद्धि वाले बच्चे . . . . में भी उच्च होंगे । 

 
 
 
 

11. निम्नलिखित में से कौन – सा वृद्धि और विकास के सिद्धान्तों से सम्बन्धित । नहीं है ? 

 
 
 
 

12. कक्षा शिक्षण में पाठ प्रस्तावना सोपान सीखने के किस नियम पर आधारित है ? 

 
 
 
 

13.  ” . . . छात्र में रुचि उत्पन्न करने की कला है । “

 
 
 
 

14. प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण ( T . A . T ) का विकास . . . . . . . . . . . . . . . द्वारा किया । गया था ।

 
 
 
 

15. एक परिस्थिति में अर्जित ज्ञान का दूसरी परिस्थिति में उपयोग कहलाता है । 

 
 
 
 

16. मनोविज्ञान का शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा योगदान है

 
 
 
 

17. अनुभव द्वारा व्यवहार में परिवर्तन कहलाता है

 
 
 
 

18. प्रेक्षणात्मक अधिगम सम्प्रत्यय . . . . . . . द्वारा दिया गया था । 

 
 
 
 

19. अन्तर्दृष्टि ( सूझ ) द्वारा सीखने के सिद्धान्त में कोहलर ने प्रयोग किया था 

 
 
 
 

20. अवधान के आन्तरिक अथवा व्यक्तिनिष्ठ निर्धारक हैं ।

 
 
 
 

21. वह मापनी जिसमें अन्तराल मापनी के समस्त गुण के साथ परम शून्य । भी हो , कहलाती है 

 
 
 
 

22.  ध्यान आकर्षित होने में . . . . . . . . . . की प्रमुख भूमिका होती है । 

 
 
 
 

23. व्यवहारयादी . . . . . . . . ने कहा है , ” मुझे नवजात शिशु ये दो । मैं उसे डॉक्टर , वकील , चोर या जो चाहूं बना सकता हूं । 

 
 
 
 

24. अन्तर्मुखी , बहिर्मुखी तथा उभयमुखी व्यक्तित्व का वर्गीकरण द्वारा किया गया है ।

 
 
 
 

25. उदाहरण , निरीक्षण , विश्लेषण , वर्गीकरण , नियमीकरण निम्नलिखित में से किस विधि के सोपान हैं ?

 
 
 
 

26. S-O-R किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया है ?

 
 
 
 

27. संप्रत्यय निर्माण का सोपान है :

 
 
 
 

28. कोलबर्ग के अनुसार किस अवस्था में नैतिकता बाह्य कारकों द्वारा । निर्धारित होती है ?

 
 
 
 

29. शिशु का अधिकांश व्यवहार आधारित होता है

 
 
 
 

30. फ्रायड के अनुसार हमारे मूल्यों का आन्तरिकीकरण . . . . . में होता है । 

 
 
 
 

Question 1 of 30



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