क्या  है फोनी शब्द का मतलब किस देश ने दिया नाम विस्तार से जानें|

क्या है फोनी शब्द का मतलब किस देश ने दिया नाम विस्तार से जानें|

हाल ही मे आए खतरनाक चक्रवाती तूफान फोनी के बारे में आप जरूर जानना चाहते होंगे. मई मे देश मे आम चुनाव हो रहे थे और उधर ओड़ीशा मे फोनी कहर बरपा रहा था |

लेकिन ओड़ीसा सरकार के प्रयासों से इतने भयानक तूफान से लड़ने के बाद भी जान का बहुत ही कम नुकसान हुआ, इसके लिए सयुंक्त राष्ट्र संघ ने भी भारत के “आपदा प्रवनधन ” की सराहना की है |

अब हम जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर इसको फोनी नाम क्यों दिया गया और इस शब्द का अर्थ क्या है और यह नाम इस तूफान को दिया किस देश ने है?

दरअसल फोनी तूफान उत्तर हिंद महासागर में उठ रहा है. ऐसे में इसका नाम रखने की जिम्मेदारी इस क्षेत्र में आनेवाले देशों की थी. जिसमें बांग्लादेश भी शामिल है. फोनी को उसका नाम बांग्लादेश द्वारा ही मिला है. #फोनी का मतलब #सांप होता है‌।

चक्रवाती तूफानों के नाम रखने के नियम !

प्रत्येक चक्रवात के नाम का चयन करने के लिए एक प्रक्रिया बना रखी है. तूफानों को नाम देने के लिए फिलहाल UN World Metrologicle Organization  ने नियम तैयार किए हुए हैं.

इसके हिसाब से जिस इलाके में तूफान आएगा वहां की क्षेत्रीय एजेंसियां इसको नाम देंगी. इसका तरीके यह बताया जाता है कि साल के पहले तूफान को A फिर अगले तूफान को B से नाम दिया जाएगा. किसी भी नाम को दुहराया नहीं जाएगा |

Even Number वाले साल (जैसे 2018) को पुरुष नामों में से कोई दिया जाएगा. वहीं
Odd Number सालों (जैसे 2019) में महिलाओं के नाम पर तूफान को नाम मिलेगा।

भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान और थाईलैंड उत्तर हिंद महासागर में विकसित होने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम क्षेत्रीय समिति को भेजते हैं.

अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार सदस्य देशों के नाम के पहले अक्षर के अनुसार उनका क्रम तय किया गया है जैसे सबसे पहले बांग्लादेश फिर भारत मालदीव और म्यांमार का नाम आता है

वर्तमान में, प्रत्येक देश ने भविष्य में होने वाले चक्रवातों के लिए आठ नामों का सुझाव दिया है. 64 नामों वाली सूची से ही ‘फानी’ नाम तय किया गया था.

भारत ने भी चक्रवाती तूफान के कई नाम सुझाए हैं अग्नि, आकाश, बिजली, जल, लहर, मेघ, सगर और वायु कुछ उदाहरण है।

विश्व मौसम विज्ञान मौसम संगठन और एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक कमीशन ने साल 2000 में चक्रवातीय तूफानों का नामकरण शुरू किया. उत्तर हिन्द महासागर में उठने वाले तूफानों का नामकरण भारतीय मौसम विभाग करता है