कैसे चुनें सही करियर काउंसलर

छात्रों को किसी करियर विकल्प के स्वरूपको समझने और उसमें निहित संभावनाओं को जानने में मुश्किलें पैदा की हैं । विभिन्न कोर्स के साथ शिक्षण संस्थानों की संख्या में भी इजाफा हुआ है । इनमें अकसर छात्र की महत्वाकांक्षाएं उलझन की भेंटचढ़ जाती हैं ।

इसलिए अपनी क्षमता रुझान और रुचिको परखते हुए सही करियर का निर्णय लेने के लिए करियर काउंसलर की जरूरत पड़ती है । विशेषतौर पर शहरों में रहने वाले लोग लगभग पिछले एक दशक से करियर संबंधित सलाह पाने के लिए करियर काउंसलर मदद ले रहे हैं ।

पेशेवर जगत में सफल होने के लिए छात्र काउंसलिंग के वैज्ञानिक और विधिवत तरीके को चुनते हैं । आज करियर के किसी भी मुकाम में करियर काउंसलिंग लेना फायदेमंद रहता है । फिर चाहे हाई स्कूल से आगे पढ़ाई की बात हो या कुछ अंतराल के बाद दोबारा कार्यक्षेत्र में लौटना हो या फिर उसमें बदलाव करना ही सही काउंसलर इसमें खासे मददगार साबित होते । बशर्ते , यहां हमारी बताई विशेषबातों आप गौर करें 

एक सही करियर चुनने के लिए , सही करियर काउंसलर से मदद लेना भी आना चाहिए । जानकारी विश्वसनीयता और अनुभवके पैमाने पर सहीकरियरकाउंसलर का चयन किया जा सकता है ।

काउंसलर से जुड़े ऐसे उदाहरणों का पतालगाएं , जिससे पुष्टि हो कि वह किसी को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है । वह लोगों को आगे बढ़ाने का लंबा तज्जुब भी रखता हो ।

  •  जिसने काउंसलिंगकी ताजा शुरुआतीकी हो , उससे मदद लेने में शायद आपको फायदा ना हो । एक डॉक्टर की तरह करियर काउंसलरको भी काउंसलिंगमें जमने में सालों लग जाते हैं । इसके अलावा ध्यान दें कि करियर कातंसलर ने निजी स्तर पर क्लाईट के लिए कितनी जांच – पड़ताल और मेहनत की है ।
  • काउंसलर से मिलने से पहले उसकी वेबसाइट तक पहुंच बनाएँ व विश्वसनीयता की पड़ताल करें । उनकी कार्य योजना के बारे में पता लगाएं और जानें कि काउंसलिंग का काम कैसे अंजाम देते हैं , ताकि आप कौउंसलर के काम करने के तरीके को लेकर संदेहमुक्त रहें ।
  • उनकी क्षमता का प्रमाण जानने के लिए पता लगाएं कि वे किस तरह के लोगों की मदद करने में सफल रहे । हैं । अलग – अलग क्षेत्रों के लोगों से मिली राय भी सही करियर काउंसलर चुनने में मददगार है ।
  • जब आप करियर काउंसलर को खोजने निकलते हैं । तब आपके साथी , दोस्त और परिवार वाले बहुत से विकल्प सुझाने से लेकर कई तरह राय देते हैं ।
  • व्यक्तिगत मार्गदर्शन लेना अच्छा विकल्प लग सकता है । पर कारगर भी हो , यह यकीन के साथ नहीं कहा जा सकता । चूंकि काउंसलिंग व्यक्तिगत मसला है । इसलिए कोई मार्गदर्शक जो आपके मित्र के लिए अच्छा हो , जरूरी नहीं कि वह आपके लिए भी उतना ही लाभ देने वाला होगा । इसलिए किसी ऐसे करियर काउंसलर को खोजें जो आपके रुचि के क्षेत्र की गहरी समझ रखता हो ।
  •  आखिर में उनकी फीस के में पूछे और सभी रूप से तुलना करने के बाद करियर काउंसलर का चुनाव करें।

मिलने से पहले कैसी हो तैयारी 

किसी करियर काउंसलर से मिलने से पहले आपको भी तैयारी करनी पड़ती है । अपनी अकादमिक योग्यताओं के विवरण के साथ अतिरिक्त गतिविधियों के प्रमाण – पत्र भी साथ लेते जाएँ ।

मुलाकात से पहले एक सूची बनाएं , जिसमें शैक्षिक योग्यताओं का विवरण हो । आगे क्या पाने की महत्वाकांक्षा है , इसकी भी सूची बनाएं ।

ध्यान दें कि एक करियर काउंसलर कुछ हद तक मनोवैज्ञानिक की तरह होता है । इसलिए अपनी महत्वाकांक्षाओं को खुलकर कहना बेहद जरूरी है अपने मार्गदर्शक को अपने बारे में बताते समय ईमानदार रहें , ताकि वह आपको सही सलाह दे सके ।

आपको अपने विचारों को लेकर आना चाहिए , ताकि काउंसलर आपके करियर के लक्ष्यों को समझ सके । इसके अलावा , उसकी बात को ध्यान से सुने ताकि  वह आपको क्या रास्ता बता रहा है ।

उन रास्तों से संबंधित अपने भय और संशय को जाहिर करना जरूरी है , ताकि बेहतर सलाह पा सके । अपने करियर को लेकर माता – पिता और काउंसलर के साथ खुलकर बातचीत करना मदद करता है ।

अगर आपने कई करियर काउंसलर से सलाह ली है और उनकी सलाह को लेकर स्पष्ट नहीं हैं , तो इस स्थिति उस विकल्प के साथ जाएं , जहां आप खुद को आगे तक काम करते हुए देखपा रहे हैं और वह काम आपके व्यक्तित्व , रुचि और योग्यता अनुरूप हो ।

कैसे करते हैं मदद

एक करियर काउंसलर किसी छात्र के सही मार्गदर्शन के लिए साइकोमैट्रिक टेस्ट लेता है । इस तरह वह उसकी रुचियों और क्षमताओं पता लगाता है ।

डीबीडीए , मैप – टी , सीआईएस , पीएफ – 16 कुछ साइकोमैटिक टेस्ट , जो किसी की क्षमता , रुझान और करियर रुचि को जानने का वैज्ञानिक ढंग हैं । इसके साथ काउंसलर व्यक्तिगत सलाह , वर्कशॉप और शिक्षा मेलों के जरिये छात्रों को अलग – अलग करियर के बारे जानकारी उपलब्ध कराते हैं ।

करियर के तमाम विकल्पों के बारे में बताने के अलावा जरूरत के अनुरूप सही कॉलेज , कोर्स बारे में भी वे बताते हैं । किसी स्टीम के अच्छे और बुरे पक्ष को उजागर करते हैं । इससे छात्र विश्वास के साथ अपने करियर के बारे में स्पष्ट राय और निर्णय ले पाते हैं ।

एक काउंसलर करियर की शुरुआत कर रहे लोगों के लिए ही नहीं , गलत करियर कर रहे लोगों के लिए की सलाह साबित होते है ।

निजी गुणों पर देते हैं ध्यान

काउंसलर अलग – अलग क्षेत्रों की कार्यशैली से परिचित होते हैं । ये अपनी विशेष क्षमता और जानकारी का प्रयोग छात्रों को समझने में लगाते हैं |

छात्रों के उन खास गुणों पर गौर करते हैं , जो उनके लिए सही करियर के चुनाव में महत्वपूर्ण होते या परिचित करियर काठेसलर किसी छात्र या सानो करियर सलाह देने से पहले उसके विश्व वि और योग्यता पर ध्यान देता है ।

वैज्ञानिक है डीबीडीए , मैप – टी , सीआईएस , पीएफ – 16 कुछ साहकोमेट्रिक टेस्ट हैं , जो किसी की क्षमता , रुझान और करियर रुचि को जानने वैज्ञानिक ढग है ।

इसके साथ काउंसलर व्यक्तिगत सलाह , वकिशॉप और करियर फेयर के जरिये छात्रों को अलग – अलग करियर के बारे में जानकारी उपलब्ध कराते हैं ।

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